राष्ट्रीय

SIR प्रक्रिया शुद्ध खालिस बिलकुल सही SIR में कोई खामी नहीं,चुनाव आयोग के पास वोटर लिस्ट जांच का पूरा अधिकार-सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) द्वारा की गई मतदाता सूचियों के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) की वैधता को सही ठहराया और टिप्पणी की कि मतदाता SIR, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की संवैधानिक अनिवार्यता को आगे बढ़ाता है। कोर्ट ने फैसला दिया कि चुनाव आयोग के पास संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत SIR करने की शक्ति है, जिसे ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950’ और उसके तहत बनाए गए नियमों के साथ पढ़ा जाना चाहिए।

याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया, जिनमें पिछले साल जून में ECI द्वारा बिहार में SIR कराने के लिए जारी की गई अधिसूचना को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने माना कि SIR प्रक्रिया का लक्ष्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना था, और इन दोनों के बीच सीधा संबंध था।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि चुनाव आयोग के पास मतदाता सूची में नाम शामिल करने से इनकार करने का अधिकार है, लेकिन इस तरह की कार्रवाई को नागरिकता तय करने की प्रक्रिया नहीं माना जा सकता।

 

 

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