मोदी सरकार का असली मकसद आरक्षण समाप्त करना है। महिला आरक्षण के नाम पर दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है मोदी सरकार -जयराम रमेश

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीटीआई (PTI) को दिए एक विशेष साक्षात्कार में आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का असली और अंतिम लक्ष्य आरक्षण को समाप्त करना है, जिसके लिए वह लोकसभा में दो-तिहाई (2/3) बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार महिला आरक्षण की आड़ में पहले परिसीमन (Delimitation) को आगे बढ़ाना चाहती है, जिसका अंतिम उद्देश्य दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों का आरक्षण खत्म करना है।

जयराम रमेश ने कहा कि “महिला आरक्षण सिर्फ एक बहाना है, असली निशाना मौजूदा आरक्षण व्यवस्था है”। 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस का यह दावा अब सच साबित हो रहा है।दो-तिहाई बहुमत के लिए तोड़-फोड़: उन्होंने आरोप लगाया कि 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक (परिसीमन से जुड़ा बिल) गिरने के बाद सरकार को अपमान झेलना पड़ा। सरकार को दो-तिहाई बहुमत (362 वोट) के मुकाबले केवल 298 वोट मिले थे। इसी बहुमत के आंकड़े को छूने के लिए अब विपक्षी दलों (जैसे TMC और शिवसेना) में तोड़-फोड़ की जा रही है।कांग्रेस का स्टैंड: कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण को लेकर गंभीर है, तो वह इसे मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर तुरंत या 2029 से लागू करे। इसके लिए सीटों की संख्या बढ़ाने या इसे परिसीमन से जोड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया था, बल्कि सरकार द्वारा इसे परिसीमन के साथ जोड़कर पेश करने के तरीके का विरोध किया था।पृष्ठभूमि (Background)केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान किया है। हालांकि, इसे लागू करने के लिए सरकार ने लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने और परिसीमन प्रक्रिया को पूरा करने से जुड़ी शर्तें रखी थीं। विपक्ष का आरोप है कि सीटों की संख्या में यह बदलाव और नए नियम देश के संघीय ढांचे और आरक्षण नीति पर सीधा हमला हैं।



