“छात्रों की गूंज” से गूँज उठा कोटा शहर “छात्रों की मांग और पेपर लीक मामले को लेकर कोटा में राहुल गांधी का छात्रों से संवाद

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को राजस्थान के कोटा में “छात्रों की गूंज” (Chhatron Ki Goonj) कार्यक्रम के तहत देशव्यापी छात्र संवाद अभियान की शुरुआत की, जहां उन्होंने NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर हजारों छात्रों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी और छात्रों के मानसिक तनाव को लेकर केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए।

- राहुल गांधी ने कहा कि हर पेपर लीक और रद्द होने वाली परीक्षा सिर्फ सिस्टम की विफलता नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के सपनों पर एक सीधा प्रहार है। [1]
- मेहनत की सजा: उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि आज के भारत में युवाओं को उनकी कड़ी मेहनत का फल नहीं मिल रहा, बल्कि सपने देखने के लिए उन्हें सजा भुगतनी पड़ रही है। [1, 2]
- शिक्षा प्रणाली पर सवाल: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पांच मंत्रालयों के बजट में जितना खर्च करती है, उतना पैसा तो वह महज पांच परीक्षाओं से निकाल लेती है। [1]
- टेलीग्राम प्रतिबंध का विरोध: सरकार द्वारा टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंध की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्लेटफॉर्म को निशाना बनाने से पेपर लीक नेटवर्क खत्म नहीं होगा। उन्होंने इसे “चोर को पकड़ने के बजाय पीड़ित के घर को ताला लगाने” जैसा कदम बताया।
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए – देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं – इस व्यवस्था ने हमारे… pic.twitter.com/06qcSul7ed
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 17, 2026
- कोटा में कोचिंग कर रहे छात्रों ने राहुल गांधी से साझा किया कि परीक्षाओं के बार-बार लीक होने और री-एग्जामिनेशन (दोबारा परीक्षा) की घोषणाओं के कारण वे भारी मानसिक तनाव और एंग्जायटी से गुजर रहे हैं।



