पीएम मोदी का नारा “चंदा दो, धंधा लो” “खाऊंगा, खाने दूंगा और खिलाऊंगा” और नोटबंदी अब तक की सबसे बड़ी “संगठित और वैध ठहराई गई लूट” -जयराम रमेश

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक कड़ा राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पीएम का ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ का नारा पूरी तरह से खोखला साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ‘न्यूनतम शासन और अधिकतम पर्दा डालने’ की नीति पर काम कर रही है और उनके लिए हमेशा से “खाऊंगा, खाने दूंगा और खिलाऊंगा” वाली स्थिति रही है|
मई 2014 में नरेंद्र मोदी "ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा" का नारा देकर प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन यह दावा जल्द ही खोखला साबित हो गया, जब डॉ. मनमोहन सिंह ने 8 नवंबर, 2016 की नोटबंदी को "संगठित लूट और कानूनी डकैती" करार दिया। इसके बाद गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 13, 2026
रमेश ने कहा कि मई 2014 में पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार न करने और न करने देने का वादा किया था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा नोटबंदी को ‘संगठित लूट’ कहे जाने से इसकी वास्तविकता उजागर हो गई।
- उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड को ‘चंदा दो, धंधा लो’ घोटाला बताया और इसके अलावा राफेल सौदे, पीएम केयर्स फंड, तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) को कमजोर करने का आरोप लगाया।
- रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार में एक राज्यमंत्री द्वारा सब्सिडी लेने, सड़क परिवहन मंत्री से जुड़े E-20 के फैसले, तथा शिक्षा मंत्री के नेतृत्व वाली परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार होने के बावजूद पीएम मोदी ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की।



