संघी गजनवी और राम मंदिर की लूट- अयोध्या के वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्र के खिलाफ FIR की तहरीर दी, निकाला आक्रोश मार्च

अयोध्या के वकीलों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और गबन मामले को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर अधिकारी गोपाल राव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने कोर्ट परिसर से राम जन्मभूमि थाने तक एक बड़ा आक्रोश मार्च निकाला और पुलिस को लिखित तहरीर (शिकायत) सौंपकर इन अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

वकीलों का आरोप है कि देश-विदेश के करोड़ों राम भक्तों द्वारा आस्था से चढ़ाए गए धन और आभूषणों की चोरी व हेराफेरी में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी भी एक सोची-समझी साजिश के तहत शामिल हैं।
आक्रोश मार्च के दौरान बड़ी संख्या में वकील राम जन्मभूमि थाने पहुंचे। वहां पुलिस के साथ उनकी तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई।
फैजाबाद बार एसोसिएशन ने घोषणा की है कि कोई भी स्थानीय वकील इस घोटाले के आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा। यदि कोई वकील इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को चेतावनी दी है कि वे 3 दिनों के भीतर अयोध्या छोड़ दें या जेल जाएं। मांग पूरी न होने पर वकीलों ने पूरी अयोध्या में चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने वकीलों की तहरीर को जनरल डायरी (GD) में दर्ज कर लिया है और इसकी रिसीविंग (पावती) वकीलों को सौंप दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपों की प्रारंभिक जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बढ़ते विवाद को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने एहतियातन कर्सवेकपुरम, तीर्थ क्षेत्र कार्यालय और ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की सुरक्षा को काफी बढ़ा दिया है।



