संघी गजनवी चंपत राय और उनके गिरोह के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों की मदद से राम निवास मंदिर पर कब्जा करने का आरोप

अयोध्या के राम निवास मंदिर के पंच प्रमुख हरिशंकर सफारीवाला ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और उनके सहयोगियों पर फर्जी दस्तावेजों की मदद से मंदिर पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। यह विवाद जुलाई 2026 में सामने आया है।

मंदिर के प्रमुख सफारीवाला का दावा है कि राम निवास मंदिर एक पंचायती संपत्ति है जो बिक्री योग्य नहीं है। इसके बावजूद, चंपत राय और उनके गुट ने जाली कागजात तैयार किए। कथित तौर पर ₹5.80 करोड़ का फर्जी सौदा दिखाया गया। इसमें से लगभग ₹60 लाख बैंकिंग माध्यमों के जरिए मंदिर के पुजारी और उनके रिश्तेदारों को ट्रांसफर किए गए ताकि जमीन हड़पी जा सके।
यह ऐतिहासिक राम निवास मंदिर अयोध्या में नवनिर्मित राम जन्मभूमि परिसर के ठीक बगल में स्थित है।
शिकायतकर्ता ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले को उजागर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी शुरुआती शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया था।जांच की मांग: मामले की गंभीरता को देखते हुए विपक्ष और मंदिर समिति ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले को उजागर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी शुरुआती शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया था।जांच की मांग: मामले की गंभीरता को देखते हुए विपक्ष और मंदिर समिति ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।



