कर्नाटक के लोह पुरुष प्रियंक खड़गे का खुला पत्र RSS अपना लीगल स्टेटस,रजिस्ट्रेशन,फंडिंग टैक्सेशन बताये आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लिखा पत्र

कर्नाटक के गृह मंत्री Priyank Kharge ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख Mohan Bhagwat) को एक खुला पत्र लिखा है। पत्र में संगठन के शताब्दी वर्ष के अवसर पर संवैधानिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कई प्रमुख बिंदु उठाए गए हैं :

पूछा गया है कि किस वैधानिक आधार पर इतने बड़े स्तर (देश भर में 60,000 से अधिक शाखाओं) पर कार्यरत संगठन बिना औपचारिक कानूनी पंजीकरण के काम कर रहा है।
लगता है सरदार वल्लभ भाई पटेल जिनको केंद्र की मोदी सरकार ने गाँधी की तरह इतिहास से मिटाने की कोशिश की है कर्नाटक की कांग्रेस सरकार इतिहास के लोह पुरुष को इस तरह देश को भूलने नहीं देगी कर्नाटक के लोह पुरुष का खुला पत्र RSS अपना लीगल स्टेटस,रजिस्ट्रेशन,फंडिंग टैक्सेशन बताये pic.twitter.com/k1rAPrCl3J
— News Network 24×7 (@24x7_network) June 15, 2026
‘गुरुदक्षिणा’ के माध्यम से मिलने वाले दान के स्रोत, आय-व्यय के विवरण और विदेशों से मिलने वाले फंड को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
यह तर्क दिया गया है कि एक लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था में कोई भी संस्था कानून के दायरे से बाहर नहीं हो सकती।
संघ द्वारा किए जाने वाले आयोजनों और रूट मार्च के लिए जरूरी अनुमति और अनुपालन तंत्र को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इस पत्र के जवाब में आरएसएस प्रमुख Mohan Bhagwat ने इन मांगों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया है। उन्होंने तर्क दिया है कि संघ अपना कामकाज पूरी तरह खुले तौर पर करता है और पंजीकरण की आवश्यकता उन्हें होती है जो सरकारी फंड प्राप्त करते हैं, जबकि आरएसएस ऐसा कोई सरकारी अनुदान नहीं लेता।



