जब विपक्ष में थे तो ईवीएम की सबसे बड़ी आलोचक थी बीजेपी,बीजेपी ने ‘डेमोक्रेसी एट रिस्क’ नाम से एक पुस्तक भी प्रकाशित की थी – पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त का दावा

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एस. वाई. कुरैशी ने अपनी नई किताब की रिलीज के दौरान दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) कभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की सबसे बड़ी आलोचक थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी नतीजों से असंतुष्ट होने पर ईवीएम की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर सवाल उठाने का इतिहास देश की लगभग हर राजनीतिक पार्टी का रहा है।प

उन्होंने बताया है कि कैसे 2009 में भाजपा ने ईवीएम पर सबसे ज्यादा सवाल खड़े किए थे डॉ. कुरैशी के अनुसार, वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा ने ईवीएम के खिलाफ सबसे मुखर अभियान चलाया था।’डेमोक्रेसी एट रिस्क’ पुस्तक: भाजपा नेता जी. वी. एल. नरसिम्हा राव ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए ‘डेमोक्रेसी एट रिस्क’ (Democracy at Risk) नाम से एक पूरी किताब लिखी थी। इस किताब की भूमिका भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लिखी थी,



