विपक्ष की एकता के आगे फिर झुके मोदी, सरकार ने ब्रॉडकास्टिंग बिल को वापस लिया, विपक्ष ने बिल को बताया था फ्री-स्पीच और प्रेस पर खतरा !

केंद्र सरकार ने ब्रॉडकास्टिंग बिल 2024 को वापस लेने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि अब नए मसौदे को व्यापक विचार-विमर्श के बाद पेश किया जाएगा। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पिछले साल नवंबर में नए ब्रॉडकास्टिंग रेगुलेशन बिल का मसौदा तैयार किया था। इस बिल का विपक्ष और मीडिया से जुड़े लोग जोरदार विरोध कर रहे थे।

इस साल जुलाई में इस बिल के दूसरे मसौदे को तैयार किया गया था। इससे पहले इस बिल के मसौदे पर सार्वजनिक टिप्पणी देने की अंतिम तारीख 15 जनवरी 2024 रखी गई थी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद के मौजूदा सत्र में इस बिल के मसौदे को पेश किया था। डिजिटल समाचार पब्लिशर्स और व्यक्तिगत कंटेंट क्रिएटर्स इस बिल का विरोध कर रहे थे।
मोदी सरकार द्वारा पेश किए जा रहे ब्रॉडकास्टिंग सर्विसेज रेगुलेशन बिल के कई प्रावधानों को लेकर चिंताएं जाहिर की जा रही थी। इस बिल के मसौदे में कुछ प्रावधान ऐसे हैं जो ऑनलाइन इन्फ्लुएंसर्स को, यदि वे अपने कार्य में वर्तमान मामलों से जुड़े होते हैं, तो उन्हें ब्रॉडकास्टर के रूप में टैग कर सकते हैं।



