राष्ट्रीय

जस्टिस स्वर्णकांता के कोर्ट का बहिष्कार ! अरविन्द केजरीवाल खुद या वकील के जरिए पेश नहीं होंगे।

दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ा ऐलान करते हुए न्यायिक प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में न तो स्वयं पेश होंगे और न ही अपने वकील को भेजेंगे.

अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में पेश नहीं होंगे. यह निर्णय उन्होंने गंभीर विचार के बाद लिया है और इसे एक सिद्धांत आधारित कदम बताया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला है और इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि पारदर्शिता की मांग करना है.

केजरीवाल ने अपने फैसले के पीछे ‘कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंट्रेस्ट’ का हवाला दिया. उन्होंने कहा, कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंट्रेस्ट का मुद्दा है. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के दो बच्चे केंद्र सरकार के पैनल में हैं. उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार के पैनल में 700 से अधिक वकील शामिल हैं, लेकिन जस्टिस शर्मा के बच्चों को सबसे ज्यादा केस मिलते हैं. इस स्थिति को उन्होंने निष्पक्षता के दृष्टिकोण से चिंताजनक बताया

अरविंद केजरीवाल ने कहा, भारत सरकार के पैनल में 700 से ज्यादा वकील हैं, लेकिन जस्टिस शर्मा के दो बच्चे सबसे ज्यादा केस पाने वाले वकील हैं. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “ऐसे में जब जस्टिस शर्मा के बच्चों को केस देने वाला व्यक्ति जब सरकार की ओर से उनके सामने खड़ा होगा, क्या वह मुझे न्याय दे पाएंगी.

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
×