खास रिपोर्ट
नर्मदा बचाओ आंदोलन (एनबीए) की नेता मेधा पाटकर को मानहानि मामले में 5 महीने की सजा,

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता और नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर को तत्कालीन केवीआईसी चेयरमैन और अब दिल्ली के एलजी वी के सक्सेना द्वारा दायर मानहानि के मामले में 5 महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मेधा पाटकर को वी के सक्सेना को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
हालांकि, अदालत ने नर्मदा बचाओ आंदोलन की कार्यकर्ता मेधा पाटकर को फैसले को चुनौती देने की अनुमति देने के लिए सजा को 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। मानहानि का यह मामला 23 साल पुराना है। यह मामला दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने पाटकर के खिलाफ उस वक्त दायर किया था जब वह (सक्सेना) गुजरात में एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के प्रमुख थे।



