उज्जैन दुष्कर्म कांड, आरोपी ऑटो चालक भरत सोनी का परिवार दर-दर भटकने को मजबूर प्रशासन ने मकान जमीदोज कर चाय की गुमटी भी हटा दी।आरोपी की मां ने कहा हमने क्या गलती की जो हमको रहने के लिए जगह नहीं मिल रही !

गत दिनों सतना की रहने वाली 15 साल की नाबालिग लड़की के उज्जैन में दुष्कर्म करने वाले आरोपित ऑटो चालक भरत सोनी का मकान प्रशासन ने पूरी तरह जमीदोज कर दिया है। मकान तोड़ने के बाद नगर निगम के अमले में कुछ दूरी पर स्थित आरोपित के पिता की चाय की गुमटी भी हटा दी।
इस कांड के बाद आरोपी का पूरा परिवार रोड पर आ गया है। न तो उन्हें रहने के लिए जगह मिल रही है और न खाने के लिए कुछ. आरोपी के माता-पिता भाभी और दो मासूम बच्चे ई-रिक्शा में बैठकर इधर-उधर भटक रहे हैं। माता-पिता ऐसी संतान को जन्म देने को अपनी गलती मान रहे हैं।
दूसरी तरफ आरोपी की मां का कहना है, ‘सरकार हमारी मदद करे, जिसने गुनाह किया था वो पुलिस की हिरासत में है। हम लोगों का क्या कसूर है। हमारा बस इतना ही कसूर है कि हमने उसे जन्म दिया। मैं मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखना चाहती हूं’।आरोपी की मां ने आगे कहा कि “हमारा पूरा घर रो रहा है। मैं कुछ नहीं बोल सकती। मैं कुछ भी कर लूंगी. बहुत परेशान हूं। है। कोई भी मां-बाप औलाद पैदा करता है तो उसे ये तो नहीं पता होता है कि 20 साल बाद बच्चा ऐसा निकलेगा।
हमारे पेट में रोटी नहीं है। बच्चों को दूध नहीं मिल रहा है। हमारे साथ साल भर और 2 साल की बच्ची है। वह भी परेशान है. सब कहते हैं कि यहां नहीं रहना. मुझे सरकार से उम्मीद है। बस यही प्रार्थना है कि मुझे और मेरे बच्चों को कहीं रहने दिया जाए’।
आरोपी के पिता ने कहा, ‘मेरी बहू के नाम पर एक प्लॉट है. इसकी रजिस्ट्री भी हमारे पास है। हमें वहां भी नहीं रहने दिया जा रहा है. मैं कहां जाऊं, कहां मुंह छुपाऊं। हमारा धंधा-पानी सब छूट गया है। 64 साल की उम्र में मैं बहुत परेशान हूं। अब मैं सरकारी अस्पताल में जाकर ही शरण लूंगा. मैं यही चाहता हूं कि मुझे रहने के लिए जगह मिल जाए. अपराध मैंने नहीं किया. जिसने किया वो पुलिस कस्टडी में है. मेरी यह गलती है कि उसने मेरे घर जन्म लिया’।
गौरतलब है कि 25 सितंबर को मानसिक रूप से कमजोर सतना की 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची देर रात करीब तीन बजे रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भटक रही थी। उस दौरान आरोपित भरत सोनी उसे अपनी आटो रिक्शा में बैठाकर ले गया और जीवनखेड़ी क्षेत्र में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की थी। इसके बाद वह अर्धनग्न अवस्था में करीब आठ किलोमीटर तक पैदल घूमती रही। इस दौरान उसकी किसी ने मदद नहीं की थी। बड़नगर रोड पर मुरलीपुरा चौराहे से करीब दांडी आश्रम के राहुल आचार्य ने उसकी अवस्था देखकर मदद की और पुलिस को सूचना दी थी।



