ज्ञानेश बाबू के एक और लोकतंत्र की हत्या के प्रयास का खुलासा, SIR के लिए नियुक्त सहयोगियों में BJP-RSS से जुड़े लोग,

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में सोमवार को एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई, जब बीजेपी और उसके पितृ संगठन आरएसएस से जुड़े कुछ लोगों को बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के सहयोगी के रूप में नियुक्त कर दिया गया। इसका खुलास होने पर दतिया प्रशासन ने स्वीकार किया कि ‘गलती’ से कुछ ऐसे लोगों के नाम सहयोगी के रूप में सूची में जोड़ दिए गए जो राजनीतिक दलों से संबंधित थे !
चुनाव आयोग के बाद अब प्रशासन भी सत्ता और संगठन की खुली कठपुतली की तरह नाचता दिखाई दे रहा है!
दतिया कलेक्टर ने SIR के नाम पर बीएलओ के सहयोगी बनाकर जो आधिकारिक आदेश जारी किया है उसमें पूर्व मंडल अध्यक्ष सहित कई भाजपा पदाधिकारियों की नियुक्ति सत्ता के दबाव की सबसे बेहूदी मिसाल है!… pic.twitter.com/U0Iu1YGgIz
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) November 24, 2025
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया जिले के कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की ओर से बीएलओ और उनके सहयोगियों की जारी सूची को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया और साथ ही दावा किया कि इनमें से चार लोग बीजेपी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने जो सूची साझा की उनमें चार बीजेपी पदाधिकारियों के नाम भी चिह्नित किए।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘निर्वाचन आयोग के बाद अब प्रशासन भी सत्ता और संगठन की खुली कठपुतली की तरह नाचता दिखाई दे रहा है। दतिया कलेक्टर ने एसआईआर के नाम पर बीएलओ के सहयोगी बनाकर जो आधिकारिक आदेश जारी किया है उसमें पूर्व मंडल अध्यक्ष सहित बीजेपी के कई पदाधिकारियों की नियुक्ति सत्ता के दबाव की सबसे बेहूदी मिसाल है!’’



