दूसरे दिन भी जंतर-मंतर पर डटे युवा प्रदर्शनकारी फिर से संसद मार्च की तैयारी, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग बरकार !

दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और युवा छात्रों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी लगातार जारी है। NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में हुई अन्य अनियमितताओं को लेकर हजारों की संख्या में युवा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।

20 जुलाई को हुए भारी हंगामे और पुलिसिया दमन के बाद, प्रदर्शनकारी छात्र आज फिर से संसद कूच करने की रणनीति बना रहे हैं।भारी सुरक्षा बल तैनात: किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास बैरिकेडिंग और निगरानी और कड़ी कर दी है। सुरक्षा कारणों से पटेल चौक जैसे करीबी मेट्रो स्टेशनों पर भी एहतियात बरती जा रही है।
प्रदर्शन के बढ़ते दबाव के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार छात्रों के आक्रोश को देखते हुए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले सकती है।सरकार से बातचीत: CJP के प्रवक्ताओं ने मांगों को लेकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है। वहीं दूसरी ओर, संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने करीब 50 घंटे बाद अपना अनशन तोड़ दिया है।
आंदोलन को विपक्ष का भी भारी समर्थन मिल रहा है। सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संसद के भीतर इस मुद्दे पर रातभर धरना दिया, जबकि कांग्रेस नेता शशि थरूर और वामपंथी दलों ने शांतिपूर्ण छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है।


