समलैंगिक विवाह पर SC का फैसला, CJI ने कहा- साथी चुनने का सभी को है अधिकार, इसे कानूनी दर्ज दे सरकार

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इस पर फैसला सुना दिया है. Share this story: Same Sex Marriage Verdict: समलैंगिक विवाह पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला देते हुए कहा कि अपना साथी चुनने का अधिकार सभी को है और सरकार कानूनी दर्जा दे.

सरकार को खुद नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। विवाह को कानूनी दर्जा जरूर है, लेकिन यह कोई मौलिक अधिकार नहीं है।
जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा, समलैंगिकता प्राचीन काल से मौजूद है. ऐसे जोडों को कानूनी अधिकार मिलने चाहिए. सरकार इसके लिए कमिटी बनाए. हालांकि, मैं इस विचार से सहमत नहीं हूँ कि स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत ऐसी शादियों को मान्यता नहीं मिल सकती.
समलैंगिक तबके के साथ हुए ऐतिहासिक भेदभाव को दूर किया जाना चाहिए. इनकी शादी को मान्यता देना भी उसमें से एक कदम हो सकता है. हालांकि, मैं अपने साथी जजों के इस विचार से सहमत हूँ कि सरकार को एक कमिटी बना कर समलैंगिक जोड़ों को कानूनी अधिकार देने पर विचार करना चाहिए. समलैंगिकों के साथ भेदभाव के खिलाफ कानून बनना चाहिए.



