पश्चिम बंगाल-वैध दस्तावेज होने के बाद भी मतदाता सूची में नाम न आने पर मालदा में बवाल, 8 घंटे तक बंधक रहे 7 अधिकारी !

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) कार्य को लेकर बुधवार को भारी हिंसा और बवाल देखने को मिला। कालियाचक-2 प्रखंड विकास कार्यालय में कार्यरत सात न्यायिक अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों ने लगभग आठ घंटे तक बंधक बनाए रखा। देर रात पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद तीन महिला अधिकारियों सहित सभी कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस के काफिले पर पथराव भी किया, जिससे वाहनों के शीशे टूट गए।

विवाद की शुरुआत कालियाचक, मोथाबाड़ी और सुजापुर क्षेत्रों से हुई। अल्पसंख्यक समुदाय के स्थानीय लोगों, जिनमें अधिकांश सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थक बताए जा रहे हैं, ने आरोप लगाया कि वैध दस्तावेज होने के बाद भी उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने न केवल कार्यालय का घेराव किया, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को भी पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। उनकी मांग थी कि मतदान से पहले सूची में तत्काल सुधार किया जाए।
प्रखंड कार्यालय में दोपहर से शुरू हुआ यह घेराव आधी रात तक चला। स्थिति बिगड़ती देख भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिस को प्रदर्शनकारियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। बचाव अभियान के दौरान सुरक्षा घेरे में अधिकारियों को निकालते समय भीड़ ने हमला करने की कोशिश की, जिससे मौके पर तनाव और बढ़ गया। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस घटना ने राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है



