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‘मोदी सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ी जानकारी और खबरों को ट्विटर से हटाने के लिए और ट्विटर अकाउंट बंद करने का डाला था दबाव’ Twitter ने कर्नाटक HC को बताया !

'मोदी सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़ी जानकारी और खबरों को ट्विटर से हटाने के लिए और ट्विटर अकाउंट बंद करने का डाला था दबाव' Twitter ने कर्नाटक HC को बताया !

सोशल मीडिया मंच ट्विटर ने सोमवार को कर्नाटक उच्च न्यायालय में कहा कि केंद्र सरकार किसानों के आंदोलन और कोविड-19 महामारी के कथित कुप्रबंधन से संबंधित राजनीतिक सामग्री के कारण केवल उन ट्वीट के बजाय यूज़र का एकाउंट ब्लॉक करने के लिए कह रही है.

रिपोर्ट के अनुसार, ट्विटर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अरविंद दातार ने तर्क दिया कि कंपनी को पूरे एकाउंट को ब्लॉक करने के लिए कहा गया था, हालांकि आईटी अधिनियम की धारा 69 (ए) पूरे एकाउंट को ब्लॉक करने की अनुमति नहीं देती है. यह केवल अधिनियम की धारा के तहत सूचना या किसी विशेष ट्वीट को ब्लॉक करने की अनुमति देता है.

उच्च न्यायालय कुछ एकाउंट, यूआरएल और ट्वीट ब्लॉक करने के केंद्र सरकार के आदेश खिलाफ ट्विटर की याचिका पर सुनवाई कर रहा था.

अरविंद दातार ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने जिन ट्वीट को ब्लॉक करने को कहा था, उनमें से 50 से 60 प्रतिशत ट्वीट ‘अहानिकारक’ (innocuous) थे.

उन्होंने दिल्ली में हुए किसानों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि मीडिया में प्रसारित की गई सामग्री को ट्विटर पर ब्लॉक करने को कहा गया था.

उच्च न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी.

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