अपने ही गढ़ों में जनता का विश्वास खोने के बाद भाजपा नेताओं को देश को ‘प्रवचन’ देना बंद करना चाहिए-जयराम रमेश

भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अक्टूबर 2026 में घोषित हुए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजों में अपने शीर्ष नेताओं के गढ़ों में भारी हार का सामना करना पड़ा है। विपक्ष और सोशल मीडिया पर इन चुनावी नतीजों को लेकर भाजपा पर तीखे तंज कसे जा रहे हैं, क्योंकि पार्टी अपने सबसे सुरक्षित माने जाने वाले गृह क्षेत्रों को बचाने में असफल रही है।

• आरएसएस (RSS) के मुख्यालय और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृहक्षेत्र नागपुर में भाजपा को करारी शिकस्त मिली है।
यहाँ कांग्रेस के प्रत्याशी अभिजीत वंजारी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए भाजपा के सुधाकर कोहले को हरा दिया। महाराष्ट्र की राजनीति में इसे भाजपा के लिए सबसे बड़ा और चौंकाने वाला झटका माना जा रहा है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रभाव वाले क्षेत्र पटना में भी पार्टी को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी भाजपा अपना किला नहीं बचा पाई और उसे यहाँ हार का सामना करना पड़ा
इन नतीजों के बाद कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ के नेताओं (जैसे जयराम रमेश) ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा है कि अपने ही गढ़ों में जनता का विश्वास खोने के बाद भाजपा नेताओं को देश को ‘प्रवचन’ देना बंद करना चाहिए।


