भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार निवेशकों के करीब 12 लाख करोड़ रुपये स्वाहा महामानव चाय बागान में नाचने गाने और सेल्फी लेने में व्यस्त !

भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन बहुत ही खराब रहा। वैश्विक बाजारों से मिले खराब संकेतों और बड़ी बिकवाली के चलते बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया। पिछले तीन सेशन से जारी रिकवरी आज पूरी तरह धुल गई। सेंसेक्स करीब 2,496 अंक या 3.26%% टूटकर 74,207.24 के निचले स्तर तक चला गया। वहीं, निफ्टी 50 भी 775.65 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की और 23,002.15 के लेवल पर बंद हुआ। आज के कारोबारी सेशन में निवेशकों के करीब 12 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।
HDFC बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे की खबर ने बैंकिंग सेक्टर में डर का माहौल बना दिया। आखिरी सेशन तक बैंक के शेयर करीब 3.39% तक टूटकर 53,451.00 लो लेवल पर आ गए। अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और महंगाई को लेकर चिंता जताई, जिससे वैश्विक निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से पैसा निकालना शुरू कर दिया। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतों ने भारतीय इकोनॉमी और मार्केट सेंटिमेंट पर असर डाला।

सेंसेक्स के 30 में से 28 शेयर लाल निशान में थे। एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, ट्रेंट, इटरनल, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट,बजाज फिनसर्व और इंडिगो लूजर्स थे। केवल एनटीपीसी और पावर ग्रिड ही हरे निशान में थे। बाजार की इस गिरावट में बैंकिंग और ऑटो शेयरों ने सबसे ज्यादा गोता लगाया है।



