लोकसभा में भाजपा सांसद व् संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के खिलाफ कांग्रेस सांसद ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया, गलतबयानी का आरोप !

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर गलतबयानी और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। रीजीजू पर कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बयान को लेकर सदन को गुमराह करने का आरोप है।

लोकसभा में कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को दिए नोटिस में आरोप लगाया कि रिजिजू ने सोमवार को निचले सदन में कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कथित बयान को लेकर सदन को गुमराह किया। उनका कहना है कि खुद शिवकुमार ने मंत्री के बयान को ‘गलत और अपमानजनक’ कहकर खारिज कर दिया है। टैगोर ने कहा, ‘‘मेरा आग्रह है कि किरेन रिजिजू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू की जाए।’
Submitted a notice of question of privilege against Shri Kiren Rijiju, Minister of Parliamentary Affairs, for blatantly misleading the House on March 24, 2025. Misleading statements are a breach of privilege and contempt of Parliament. Accountability matters. #Parliament pic.twitter.com/seGdjCB06l
— Manickam Tagore .B🇮🇳மாணிக்கம் தாகூர்.ப (@manickamtagore) March 25, 2025
संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने शिवकुमार का नाम लिए बगैर लोकसभा में कहा था, ‘‘संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति कहता है कि मुसलमानों को आरक्षण दिया जाएगा और संविधान बदला जाएगा…भारत के संविधान में धर्म के नाम पर कोई आरक्षण नहीं हो सकता।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी से कहना चाहता हूं कि अपना पक्ष स्पष्ट करे। अगर आप बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान में विश्वास करते हैं तो जिसने बयान दिया है, उसे तत्काल बर्खास्त कीजिए।’
वहीं, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने राज्य में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने को लेकर संविधान में बदलाव करने के संबंध में कोई भी बयान दिए जाने का सोमवार को खंडन करते हुये दावा किया कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया। साथ ही शिवकुमार ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश करने वालों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई पर भी विचार कर रहे हैं।



