बिहार- “नोच नोच के खाऊंगा नोच नोच के खाने दूंगा ” 70 हज़ार करोड़ डकार गए सुशासन बाबू हिसाब माँगा तो मानसिक स्थिति ठीक नहीं का राग अलापना शुरू कर दिया !

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) बिहार की डबल इंजन सरकार की खिंचाई की है। कैग ने कहा है कि बिहार सरकार ने 70 हजार 877 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र अभी तक नहीं दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज़्यादा भुगतान न करने वाले विभागों में पंचायती राज (28,154.10 करोड़ रुपये), शिक्षा (12,623.67 करोड़ रुपये), शहरी विकास (11,065.50 करोड़ रुपये), ग्रामीण विकास (7,800.48 करोड़ रुपये) और कृषि (2,107.63 करोड़ रुपये) शामिल हैं। कैग ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए राज्य का कुल बजट 3.26 लाख करोड़ रुपये था और राज्य ने केवल 2.60 लाख करोड़ रुपये यानी कुल बजट का 79.92 प्रतिशत ही खर्च किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, ‘राज्य ने अपनी कुल बचत 65,512.05 करोड़ रुपये में से केवल 23,875.55 करोड़ रुपये (36.44 प्रतिशत) ही लौटाए। वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान राज्य की देनदारियों में पिछले वर्ष की तुलना में 12.34 प्रतिशत की वृद्धि हुई।’



