उमर खालिद-शरजील इमाम जेल में ही रहेंगे, सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली जमानत !

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों को लेकर पांच साल जेल में बंद स्टूडेंट एक्टिविस्ट उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा-गवाहों की जांच पूरी होने या अब से एक वर्ष के भीतर, वे जमानत के लिए फिर से निचली अदालत में जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि दोनों के मामले पर इस आदेश का कोई प्रभाव डाले बिना विचार किया जाए।
यह मामला 2020 के दंगों के पीछे बड़ी साजिश से जुड़ा है। ये दंगे नागरिकता (संशोधन) अधिनियम और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के विरोध के बीच भड़के थे, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक अन्य आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, मोहम्मद समीर खान, शादाब अहमद और शिफाउर रहमान को जमानत मिलने से उनके खिलाफ लगे आरोपों में कोई नरमी नहीं आती। उन्हें करीब 12 शर्तों के अधीन जमानत पर रिहा किया जाएगा। यदि शर्तों का उल्लंघन होता है, तो ट्रायल कोर्ट आरोपियों की सुनवाई के बाद जमानत रद्द करने के लिए स्वतंत्र होगा।



